निवासस्थान


🏰 पिचानोत कछवाहा वंश की जागीरें एवं ठिकाने

🔷 बारह कोटड़ी में शामिल प्रमुख ठिकाने:

  • नायला (जयपुर)

  • सामरिया (40 घोड़े की ताजिम जागीर)
    संस्थापक: राजा पाचयण सिंह कछवाहा

  • शहर, करौली (ताजिम) – 8 घोड़े की जागीर


🛡️ आठ खास चौकियाँ (पिचानोत कछवाहा):

  1. पिपलाई

  2. बरदाला

  3. उड़दीन

  4. अमरगढ़

  5. तलावड़ा गंगापुर सिटी सात घोड़े की जागीर 

  6. खेड़ली पिचानोत (अलवर)

  7. खारेड़ा (अलवर)

  8. कैरवाड़ा (अलवर)12 घोड़े की जागीर

⚔️ 1635 के युद्ध में कैरवाड़ा और खेड़ली खास चौकियाँ पूरी तरह नष्ट हो गईं। सम्पूर्ण परिवार वीरगति को प्राप्त हुआ। केवल खारेड़ा चौकी बची रही।


👑 पुनः जागीर वितरण – जय सिंह प्रथम (1635)

जयपुर महाराज जय सिंह प्रथम द्वारा 1635 में सामरिया व शहर (ताजिम ठिकानों) से पाँच वीर पुत्रों को कुल 40 घोड़े की जागीर प्रदान की गई। इन्होने मुगलों व अन्य आक्रांताओं को परास्त कर पुनः राज्य स्थापना की:

अनुक्रमठिकाना
घोड़े की जागीरसंस्थापक
1ढिगावड़ा,अलवर
  14 घोड़े-
2कैरवाड़ा,अलवर
  12 घोड़े- ठाकुर शिशराम सिंह पिचानोत
3खेड़ली पिचानोत,अलवर
   08 घोड़े-
4रूपवास,अलवर
  4.25 घोड़े-
5धोलापलाश,अलवर
  1.75 घोड़े-

📍 अन्य प्रमुख जागीरें और ठिकाने:

  • गोनेर (जयपुर)

  • भासु जागीर

  • इसवानो जागीर

  • ढोगवाड़े जागीर

  • खोरी जागीर

  • बारा पिचानोत (करौली)

  • जीरणा (करौली)